व्रत का आरंभ: अहोई अऔर ष्टमी का व्रत सुबह उठकर ही शुरू किया जाता है, इसके पश्चात् भगवान की पूजा की जाती है।

तिथि: अहोई अष्टमी व्रत शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है, जो हिन्दू पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि को पदन्यास के बाद आती है। इस व्रत का आयोजन भाद्रपद मास (आश्वयुज मास) के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को किया जाता है।

उद्देश्य: इस व्रत का मुख्य उद्देश्य मां दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करना होता है।

उपवास: अहोई  अष्टमी के दिन व्रती लोग उपवासरखते हैं, जिसमें वे एक दिन के लिए भोजन का त्याग करते हैं और मां दुर्गा की पूजा करते हैं।

पूजा और अर्चना: व्रती लोग मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पूजा करते हैं, और विशेष रूप से कन्याओं का पूजन करते हैं।

मंदिर या पूजा स्थल:  पूजा और अर्चना आमतौर पर एक मंदिर, पूजा घर, या पूजा स्थल पर की जाती है, जो भगवान की मूर्ति या चित्र को स्थापित किया जाता है।