Pradosh Vrat 2023 (शुक्ल पक्ष): आध्यात्मिक उन्नति और पार्थिव सुख का पथ

Pradosh Vrat 2023 (शुक्ल पक्ष): आध्यात्मिक उन्नति और पार्थिव सुख का पथ

Pradosh Vrat का अर्थ और महत्व

Pradosh Vrat का अर्थ और महत्व

प्रदोष शब्द का अर्थ गोधूलि बेला यानी शाम का समय होता है

व्रत के दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।

व्रत के दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।

दिन भर सात्विक भोजन करें और मांस, शराब, और नशा करने वाले पदार्थों का त्याग करें।

दिन भर सात्विक भोजन करें और मांस, शराब, और नशा करने वाले पदार्थों का त्याग करें।

शाम को सूर्यास्त से पहले या बाद में शिवलिंग का अभिषेक करें, बेलपत्र, धूप और दीप अर्पित करें। शिवजी के मंत्रों का जाप करें और आरती करें।

शाम को सूर्यास्त से पहले या बाद में शिवलिंग का अभिषेक करें, बेलपत्र, धूप और दीप अर्पित करें। शिवजी के मंत्रों का जाप करें और आरती करें।

रात में भजन-कीर्तन या ध्यान का अभ्यास करें।

रात में भजन-कीर्तन या ध्यान का अभ्यास करें।

अगले दिन सूर्योदय के बाद फलाहार करके व्रत का पारण करें।

अगले दिन सूर्योदय के बाद फलाहार करके व्रत का पारण करें।